आदेश और निर्देश में अंतर 

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नमस्कार… अंतरकोश में आपका स्वागत है। आज इस पोस्ट में हम आदेश और निर्देश में अंतर के बारे में जानने वाले हैं। हिंदी व्याकरण में आदेश और निर्देश दो अलग अलग शब्द हैं, किंतु अधिकांश लोग इन्हें एक ही समझते हैं। “आदेश और निर्देश दो ऐसे प्रशासनिक शब्द है जिनके बीच बड़ा कानूनी अंतर है लेकिन आम जनता दोनों को एक दूसरे का पर्यायवाची समझती है। कई बार तो विद्वान पत्रकार या अधीनस्थ अधिकारी किसी को आदेश बता देते हैं। आइए समझते हैं, आदेश और निर्देश के बीच क्या अंतर है। क्या किसी निर्देश को आदेश माना जा सकता है और आदेश का निर्देश की तरह पालन किया जा सकता है। अच्छे से समझने के लिए पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।

आदेश (Order)  – 

अपने ये आयु या पद में बड़े व्यक्ति द्वारा जो हुक्म दिया जाता है उसे आदेश कहते हैं। ‘आदेश’ मानने में एक तरह की विवशता है। आदेश में अधिकार या शक्ति का  प्रभाव ज्यादा दिखाई देता है। इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती है। अनदेखी के लिए दंड दिया जाता है। अतः आदेश किसी काम को कराने की आधिकारिक प्रक्रिया है। आदेश केवल अपने क्षेत्राधिकार में  और केवल अधीनस्थों को ही दिया जा सकता है। जैसे – डीएम ने एसडीएम को  ब्लॉक स्तर पर पेड़ लगवाने का आदेश दिया । ज्यादातर आदेश किसी नियम या कानून के तहत दिए जाते हैं। आदेश में नियम अथवा कानून का उल्लेख भी किया जाता है। 

निर्देश (Direction) – 

निर्देशन का साधारण अर्थ होता है मार्गदर्शन करना। निर्देश भी अधिकारी द्वारा अपने अधीनस्थ को दिए जाते हैं परंतु यह व्यवहारिक और परिस्थितिजन्य कारणों से उत्पन्न होते हैं। इनके पीछे कोई कानून या नियम नहीं होता। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अक्सर अस्थाई निर्देश जारी किए जाते हैं। सबसे खास बात यह है कि निर्देश का पालन करना अनिवार्य नहीं होता। यदि वह नियम विरुद्ध है तो अधीनस्थ अधिकारी या कर्मचारी निर्देश का पालन करने से इंकार कर सकता है। यदि कोई निर्देश का पालन करता है तो प्राप्त परिणामों के लिए निर्देश जारी करने वाला अधिकारी नहीं बल्कि पालन करने वाला अधिकारी या कर्मचारी जिम्मेदार होता  है।

आदेश और निर्देश में अंतर 

1. आदेश बताता है क्या करना है, निर्देश बताता है , (क्या) कैसे करना है। जैसे- सैनिकों को गोली चलाने का आदेश दिया जाता है। पर राइफल कैसे चलाएँ – इसका निर्देश दिया गया। अन्य उदहारण देखें-

आग रोकने के लिए – ज्वलनशील पदार्थ लेकर ट्रेन में यात्रा न करने का आदेश

अग्निशामक यंत्र कैसे प्रयोग करें – यह निर्देश।

2.निर्देश की अनदेखी की जा सकती है और इसके लिए कोई सजा नहीं है। लेकिन आदेश की अनदेखी नहीं की जा सकती। इसके लिए सजा या जुर्माने का प्रावधान होता है। 

3.आदेश  किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा अपने अधीनस्थों को दिया जाता है लेकिन निर्देश किसी को भी दिया जा सकता है।

4.आदेश सिमित स्तर पर दिया जाता है जबकि निर्देश विस्तृत स्तर पर दिया जा सकता है। जैसे दवाई की बोतल पर लिखा निर्देश। 

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