आम चुनाव और उप-चुनाव में अंतर

किसी भी देश में चुनाव उस देश की लोकतंत्रिक प्रक्रिया के महत्वपूर्ण हिस्से होते हैं। चुनाव लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके द्वारा जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनती है। चुनाव के द्वारा ही आधुनिक लोकतंत्रों के लोग विधायिका के विभिन्न पदों पर आसीन होने के लिये व्यक्तियों को चुनते हैं। चुनाव के द्वारा ही क्षेत्रीय एवं स्थानीय निकायों के लिये भी व्यक्तियों का चुनाव होता है। वस्तुतः आज चुनाव का प्रयोग व्यापक स्तर पर होने लगा है और यह निजी संस्थानों, क्लबों, विश्वविद्यालयों, धार्मिक संस्थानों आदि में भी प्रयुक्त होता है। देश में अवधि के आधार पर मुख्यत:  दो तरह के चुनाव होते है- आम चुनाव और उप-चुनाव। इन दोनों में प्रमुख अंतर अवधि का है। आम चुनाव जहाँ कार्यकाल (सामान्यत: 5 साल) समाप्त होने पर होते है, वहीं उप-चुनाव किसी विशेष कारण से कोई सीट रिक्त होने पर होते हैं। आइये इन्हें विस्तार से समझते हैं।