अरबी बनाम फारसी

अरबी का प्राचीनतम स्वरूप अरब प्रायद्वीप में बोले जाने वाली कुछ सेमेटिक भाषाओं के सम्मिश्रण से प्रथम शताब्दी में देखने को मिलता है। इनमें लिह्यानी (अरबी : لحيان‎ लिह्यान) अथवा ददानी (हिब्रू : דְּדָן‎ ददान), तैमानी (अरबी : تيماء‎ तैमा), हिस्माई (अरबी : حزما‎ हिज्मा), सफ़ाई (अरबी : صفائية‎ सफैय्याह्) आदि भाषाओं के नाम उन स्थानों के आधार पर रखे गए हैं जहाँ इनमें अभिलेख मिले हैं। यह भाषाएँ जिस प्रकार की हिन्दी से शौरसेनी प्राकृत का सम्बन्ध हैं उसी प्रकार से इनका अरबी से सम्बन्ध है। इस रूप को हिजाज़ी या हिगाज़ी भी कहते हैं क्योंकि इसके हिजाज़ (अरबी : ٱلْحِجَاز‎ अल्हिजाज़) में सबसे पहले अभिलेख मिले हैं।